स्‍वचालन

भारतीय राष्ट्रीय ग्रंथसूची के संकलन का स्‍वचालन:

कम्प्यूटरीकृत भारतीय राष्‍ट्रीय ग्रंथसूची का प्रकाशन जून 2000 से शुरू हुआ । भारतीय राष्ट्रीय ग्रंथसूची के इतिहास में यह एक युगांतकारी घटना है। इसमें लिबसिस साफ्टवेयर और जीस्ट तकनीक का प्रयोग किया गया था। सॉफ्टवेयर यूनिक्‍स प्‍लेटफार्म पर चल रहा था और सम्बद्ध भाषाओं में ग्रन्‍थ सूच्यात्मक विवरण देने के लिए डम्‍ब् जीस्ट टर्मिनल का प्रयोग किया गया था। भाषा की लिपि में टंकण करने में समय तो बहुत लग रहा था लेकिन ग्रन्‍थसूची तैयार करना बहुत ही आसान था क्योंकि इसमें वर्गीकृत भाग, लेखक और शीर्षक सूची स्वचालित रूप से तैयार करने की सुविधा उपलब्‍ध थी।


भारतीय भाषा लिपियों को एकीकृत करने वाले बहुभाषी भारतीय राष्‍ट्रीय ग्रंथसूची अभिलेखों को एक अनुक्रम में क्रमबद्ध करना मुश्किल था । लेकिन साफटवेयर के कस्‍टमाइजेशन ने इस कठिनाई को दूर कर दिया। लिबसिस सॉफ्टवेयर के उन्‍नतीशीलता (अप्‍ग्रेडेशन) (एल एस प्रीमीया) के बाद केन्‍द्रीय संन्‍दर्भ पुस्‍तकालय में सम्‍बद्ध लिपियों में भाषा ग्रन्‍थ सूचीकरण सरल हो गया।