प्रकाशकों से एक निवेदन

भारतीय राष्‍ट्रीय ग्रन्‍थसूची भारत की विविध भाषाओं में प्रकाशित पुस्‍तकों का एक अधिकृत अभिलेख है।

भारतीय राष्ट्रीय ग्रंथसूची के संकलन का स्‍वचालन:

कम्प्यूटरीकृत भारतीय राष्‍ट्रीय ग्रंथसूची का प्रकाशन जून 2000 से शुरू हुआ । भारतीय राष्ट्रीय ग्रंथसूची के इतिहास में यह एक युगांतकारी घटना है।

केंद्रीय संदर्भ पुस्‍तकालय, कोलकाता देश की राष्‍ट्रीय ग्रंथ सूची एजेंसी है। यह भारत सरकार के संस्‍कृति मंत्रालय के एक अधीनस्थ कार्यालय के रूप में काम करता है। इसका प्रबंध एक पुस्तकाध्यक्ष के अधीन होता है, जो इसके समस्‍त प्रकाशनों का मुख्‍य सम्‍पादक भी होता है । इस संस्‍थान का मूल उद्देश्‍य भारतीय राष्‍ट्रीय ग्रंथसूची निर्माण अर्थात भारत की अँग्रेजी सहित 14 मुख्‍य भाषाओं में प्रकाशित पुस्‍तकें अधिकृत रिकार्ड संकलित और प्रकाशित करना होता है। यह भारतीय पत्रिका लेखसूची भी प्रकाशित करता है, इसके प्रभाव क्षेत्र में समकालीन भारतीय भाषाओं में प्रकाशित महत्‍वपूर्ण पत्रिकाओं के मुख्‍य लेख भी आतें हैं।

केंद्रीय संदर्भ पुस्‍तकालय की परिकल्‍पना नई दिल्ली में देश के शीर्ष पुस्‍तकालय के रूप में की गई थी। जब तक केंद्रीय संदर्भ पुस्‍तकालय पुस्‍तक‍ वितरण अधिनियम 1954 के अधीन पुस्‍तकें एवं पत्रिकाएँ प्राप्‍त करने का अधिकारी होंगें तब तक भारतीय राष्‍ट्रीय ग्रंथसूची इकाई, जो राष्‍ट्रीय ग्रंथसूची प्रकाशित करती है, को राष्‍ट्रीय पुस्‍तकालय के स्थित परिसर से ही कार्य करने का निर्देश दिया गया था। वि‍विध कारणों से अभी भी वहीं से कार्य कर रहा है। पुस्‍तकाध्‍यक्ष राष्‍ट्रीय पुस्‍तकालय, स्‍व. बी.एस केशवन, भारतीय राष्‍ट्रीय ग्रंथसूची इकाई के मुख्‍य संपादक के प्रभारी थे । श्री सी. आर. बनर्जी द्वारा राष्‍ट्रीय पुस्‍तकलय के पूर्णकालिक पुस्‍तकाध्‍यक्ष (1970-1973) नियुक्‍त होने तक स्‍व. वाई. एम. मुले (1963-1967) और स्‍व. वी. आर. कालिया (1967-1970) में भी इस पद को सुशोभित किया था। इस समय डॉ. के. के. कोच्चुकोशी भारतीय राष्‍ट्रीय ग्रंथसूची के पुस्‍तकाध्‍यक्ष और मुख्‍य सम्‍पादक हैं ।

तत्‍कालीन शिक्षा मंत्रालय ने 1955 में स्‍वतंत्र भारत के राष्‍ट्रीय पुस्‍तकालय कलकत्‍ता के प्रथम पुस्‍तकाध्‍यक्ष श्री बी.एस.केशवन की अध्‍यक्षता में राष्‍ट्रीय ग्रंथ सूची आरंभिक योजना बनाने के लिए एक सात सदस्यीय समिति का गठन किया। कई बैठकों के बाद इस समिति ने भारतीय राष्‍ट्रीय ग्रंथ सूची के संकलन के प्रबंधन हेतु सामान्‍य संरचना के लिए सिद्धान्त निश्चित किए। इसका संबंध, कवरेज, पाण्‍डुलिपि, वर्गीकरण, सूचीबद्ध कालावधि आदि से है। भारतीय राष्‍ट्रीय ग्रंथों की ईकाई ने अगस्‍त,1955 से राष्‍ट्रीय पुस्‍तकालय कलकता के परिसर में काम करना आरंभ किया था। 1970 तक राष्‍ट्रीय पुस्‍तकालय के पुस्‍तकाध्‍यक्ष ही भारतीय राष्‍ट्रीय ग्रंथसूची का मुख्‍य संपादक हुआ करता था। 1970 में केंद्रीय संदर्भ पुस्‍तकालय ने संस्कृति मंत्रालय के अधीनस्थ कार्यालय के रूप में पूर्णकालीन पुस्तकाध्यक्ष के अगुवाई में काम करना आरंभ किया ।

पुस्‍तकालय के मुख्‍य लक्ष्‍य:
  • भारतीय राष्‍ट्रीय ग्रंथसूची का रोमन लिपि में मासिक और वार्षिक क्‍यूमुलेशन/संचयी रूप में संकलन प्रकाशन तथा विक्रय। भारतीय राष्‍ट्रीय ग्रंथसूची पुस्‍तक वितरण अधिनियम 1954 राष्‍ट्रीय पुस्‍तकालय कलकत्‍ता में प्राप्‍त अंग्रेजी सहित भारत की 14 भाषाओं में प्रकाशित पुस्‍तकों और पत्रिकाओं का रिकार्ड है।
  • भारतीय राष्ट्रीय ग्रंथसूची के क्षेत्रीय भाषा विभाग का संकलन और प्रकाशन।
  • भारतीय पत्रिका लेखसूची जो छ: मुख्‍य भारतीय भाषाओं में हाल ही में प्रकाशित पत्रिकाओं के चयनित लेखों की सूची का संकलन, प्रकाशन और विक्रय।
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